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भुगतान के लिए और कितना करना होगा इंतजार

narsinghpur [12-10-2017]

तहसील कार्यालय के समक्ष किसानों का प्रदर्शन जारी तेंदूखेड़ा। शासन द्वारा तेंदूखेड़ा कृषि उपज मंडी परिसर में समर्थन मूल्य पर अरहर, मूंग, उड़द उपज की खरीदी की गई थी जिसमें लगभग 3544 किसानों ने अपनी उपज बेची थी। इन किसानों का 34 करोड़ 22 लाख के लगभग की राशि का भुगतान किया जाना है जिसमें शासन के द्वारा अभी तक लगभग 1500 किसानों का ही 16 करोड़ 56 लाख रुपये का भुगतान किया है। शेष राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है जिसे लेकर किसान एक बार फिर तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गये हैं। तीन दिनों तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन के उपरांत जब प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो पाई तो गत दिवस किसानों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। जिसमें पहले दिन तीन किसान चौधरी, नन्हेवीर बिल्थारी , ज्ञानी सिंह झीलवाले काचरकोना, मुन्ना पटेल बैरीवाले खैरी अनशन पर बैठे है। इनके समर्थन में सैंकड़ो किसान धरना स्थल पर बैठे हुए हैं एवं इन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक भुगतान नहीं हो जाता तब तक अनशन प्रारंभ रहेगा। इस बार किसान भुगतान लेकर ही यहां से वापस जायेगा।  गौरतलब रहे कि किसानों के द्वारा अपनी फसल जून एवं जुलाई माह में बेची गई थी लेकिन उनका भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। शासन के द्वारा संबंधित समिति के द्वारा मात्र 1500 किसानों का  ही 16 करोड़ 56 लाख का  भुगतान साधारण तौर पर नहीं किया गया है बल्कि किसानों के द्वारा चार बार सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर प्रशासन को आगाह किया गया था तब कहीं विभिन्न किस्तों में यह राशि किसानों के खातों में पहुंच सकी है। शेष रह गये किसान अभी भी भुगतान से वंचित बने हुए है और अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति उधारहाल लेकर कर रहे हैं। मजबूर किसान आखिर किस की चैखट पर जाये जहां उसकी फरियाद पूर्ण हो। दीपावली जैसे पर्व पर भी उसके पास राशि की कोई व्यवस्था नहीं है।  गौरतलब रहे कि किसानों के द्वारा समय-समय पर किसानों के द्वारा शासन प्रशासन को आगाह किया जाता रहा है यहां तक कि सड़कों पर उतरकर चक्काजाम जैसी नौबत भी बनी लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाकर थोड़ी बहुत राशि डालकर उन्हें केवल आश्वासन देकर झुनझुना ही थमाया जाता रहा है। फिर भी लंबा समय बीत जाने के उपरांत जब भुगतान नहीं हो पाया तो किसानों को पुन: धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन करना पड़ा। स्थिति यह है कि शनिवार को किसानों के द्वारा जंगी प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। जिसमें क्षेत्र के हजारों की संख्या में किसान शामिल होगें। इस कृषि प्रधान क्षेत्र मे जहां किसान अपनी ही उपज का दाम पाने सड़क पर है वहां के बाजार में भी खासी मायूसी पसरी हुई है। 


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