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कहीं भी पेयजल की दिक्कत नहीं हो : उदय प्रताप

narsinghpur [16-04-2018]

बैठक में योजनाओं व कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
नरसिंहपुर। सांसद राव उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति- दिशा की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में गेहूं उपार्जन, समर्थन मूल्य खरीदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की त्वरित जल आपूर्ति योजना, सौभाग्य योजना, सर्वशिक्षा अभियान स्कूल चलें हम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आदि की समीक्षा की गई।
   बैठक में प्रदेश के आयुष, कुटीर एवं ग्रामोद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री जालम सिंह पटैल, राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, विधायक गोविंद सिंह पटैल व संजय शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप पटैल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष वीरेन्द्र फौजदार, कलेक्टर अभय वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार, समिति के अन्य सदस्यगण और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
   बैठक में सांसद श्री राव ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी पेयजल की दिक्कत नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पीएचई विभाग के अधिकारी फील्ड में जायें और देखें कि कहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की परेशानी तो नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं से हैंडपंप बिगड़ने की सूचना मिलती है, तो तत्काल सुधारा जाये। इसी प्रकार नल- जल योजनाओं पर भी बराबर नजर रखी जाये। नल- जल योजनायें चालू स्थिति में रहें।
   समीक्षा के दौरान समिति के सदस्यों ने अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया, जिस पर पीएचई राज्य मंत्री श्री पटैल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में पेयजल की समस्या बताई जा रही है, वहां विभागीय अधिकारी शीघ्रता से निराकरण की कार्रवाई करें।
   बैठक में सौभाग्य योजना की समीक्षा के दौरान मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अप्रैल माह में नरसिंहपुर, चीचली व तेंदूखेड़ा, मई माह में करेली और जून माह में गोटेगांव क्षेत्र के ग्रामों में विद्युत कनेक्शन का कार्य किया जाना है। फरवरी माह में सांईखेड़ा में कार्य किया गया है। अधिकारी ने बताया कि सौभाग्य योजना के अंतर्गत जिले के 15 हजार 513 और दीनदयाल ज्योति योजना के अंतर्गत 24 हजार 536 इस प्रकार कुल 40 हजार परिवारों को लाभांवित किया जाना है। इसमें से 20 हजार परिवार लाभांवित हो चुके हैं और 19 हजार 599 परिवार विद्युतीकरण हेतु शेष हैं।
   बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान जले हुये ट्रांसफार्मर शीघ्र बदले जाने के निर्देश दिये गये। समिति के सदस्यों का कहना था कि लोड क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित न होने से बार- बार जलने की समस्या सामने आती है। इसलिए लोड क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाये जायें। यदि लोड क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाये जायें, तो बार- बार ट्रांसफार्मर नहीं जलेंगे। विद्युत कम्पनी के अधिकारी को यह भी निर्देशित किया गया कि जिले में 50 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का भंडार में रखें जायें, जिससे कहीं भी ट्रांसफार्मर जलने पर शीघ्रता से बदले जा सकें।
   समन्वय समिति की बैठक में गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान उपायुक्त सहकारिता ने बताया कि जिले में 72 उपार्जन केन्द्र स्थापित किये गये हैं। पंजीकृत किसानों की संख्या 27 हजार 864 है। अब तक  किसानों द्वारा सवा दो लाख क्विंटल से अधिक गेहूं का विक्रय किया जा चुका है। जिले में गेहूं का उपार्जन सुचारू रूप से जारी है।
   राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा के बैठक में यह भी सुझाव आया कि नये एमबीबीएस डॉक्टर को उनके पसंद के रिक्त स्थान पर पदस्थ किया जाये, जिससे वे अच्छे से कार्य कर सकें और जिले को डॉक्टर मिल सकें। बैठक में स्कूल चलें हम अभियान की समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्कूली बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाये जायें।