घासपूस से बनी झोपड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित

narsinghpur 12-10-2018 Regional

झांकी में भारतीय संस्कृति व ग्रामीण परिवेश की झलक
नरसिंहपुर। पाठक वार्ड बरगी रेल्वे गेट के पास जय हनुमान दुर्गा मंडल द्वारा अति प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आधारित जगत जननी मां जगदम्बा की झॉंकी जो प्राचीन भारतीय पद्धति के रहन-सहन पर आधारित है। इस प्राचीन पद्धति पर आधारित झॉंकी में वह समस्त प्रकार की प्राचीन, रहन-सहन  श्रद्वालुओं को देखने मिलेगी। जिसको देखकर लोगों का मन भाव विभोर हो जायेगा। प्राचीन पद्धति जो आज से सदियों पुरानी रहन-सहन प्रणाली जो व्यक्ति पहले अपनाया करता था। जिसमें उनके मकान, उनके वस्त्र, उनके बर्तन व ऐसी वस्तुएं जो हमें अति प्राचीन भारत में देखने को मिलती थी  उनको प्रदर्शित किया गया है।   
जगत जननी मॉं जगदम्बा की झॉंकी जिसमें अति प्राचीन भारत में पाई जाने वाली घास, पूस तथा लकड़ियों से बनी झोपड़ी जिसमें रहने का एक अलग ही आनंद रहता है। उसी आनंद के साथ इस प्राचीनतम झॉंकी स्वरूप झोपड़ी में वास कर रहे जगत पिता, परम पिता भगवान भोलेनाथ तथा जगत जननी मॉं भगवान गणेश बड़े ही स्नेह के साथ भोजन करा रहे हैं। मातारानी की कुटिया में वो समस्त वस्तुएं विद्यमान है जो कभी प्राचीन भारत में देखने को मिला करती थी। जैसे चक्की, मूसर, सीको, अरगनी, सूपा, मथानी, बैलगाडी, हल एवं अन्य सामग्रियां गिट्टी से छपा हुआ आंगन जिसमें तुलसीकोट विद्यमान है तथा मिट्टी की सौंदी-सौंदी महक मन को भाव विभोर कर रही है। घास पूस की बनी कुटिया की सुंदरता देखती ही बनती है। मानो प्राचीन समय एक बार फिर लौट आया है। माता जी की कुटिया के आजू-बाजू अति सुंदर मनमोहक वृक्ष लगे हुये है। भगवान भोलेनाथ के भोजन पात्र मिट्टी के जो प्राचीन भारत में उपयोग किये जाते थे एवं माता जी की कुटिया में पाये जाने वाले दैनिक उपयोग की अति प्राचीनतम वस्तुओं को दर्शाया गया है। हनुमान दुर्गा मंडल के नीलेश अग्रवाल, रोषन राजपूत, सुनील पाली, मनीष पाली, सपन कुशवाहा, झामसिंह नायक, नीरज राय, अनुज राय, एड. कैलाश  प्रजापति, बसंत राय, अंकित श्रीवास्तव, श्रीकांत कोरी आदि ने सभी श्रद्वालुृओं से दर्शन लाभ  लेने की अपील की है।

 

प्रादेशिक