दिल में छेद होने पर आपरेशन के बाद मिली नई जिंदगी

nspnews 16-06-2019 Regional

सतना। बच्चा जन्मजात दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित था और यह सोच-सोच कर मैं कांप उठता था। लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ कार्यक्रम के अन्तर्गत बाल हृदय उपचार योजना ने दिल के छेद का आपरेशन कराकर मेरे बच्चे रामराज को नई जिंदगी दी है। यह कहना है पीपराकलां निवासी पांच साल के बच्चे रामराज के पिता बसंतलाल कुशवाहा का। जीवन की उम्मीद के भवंरजाल में फंसे बच्चे के सफल इलाज की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी।
    बसंत ने बताया कि उनके बच्चे के दिल में छेद था। वह बीमार रहता था, थोड़ा चलने में सांस फूलने लगती थी, थकान हो जाती थी। शरीर दुबला बना हुआ था। इलाज के लिए एक प्राइबेट नर्सिंग में गए, तो पता चला कि उसके इलाज पर बहुत खर्च आएगा, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। 
    लेकिन जिला अस्पताल में लगे मुख्यमंत्री स्वास्थ शिविर में दिखाया, तो पता चला कि रामराज आपरेशन और दवा से ठीक हो सकता है। उसके इलाज का सारा खर्च सरकार उठाएगी। रामराज के इलाज के लिए उक्त योजना के तहत शीघ्र डेढ़ लाख रूपये मंजूर कर भोपाल के एक प्रतिष्ठित प्रायवेट अस्पताल में करीब चार माह पहले दिल का आपरेशन कर बाल्व का छेद बंद कर दिया गया। अब रामराज पूरी तरह ठीक है। 
    गुजरे वक्त को याद करते हुए बसंत सिहर उठते हैं। वह कहते हैं, ‘‘पैसे की कमी से मैं आपरेशन करवाने की सोच भी नहीं सकता था। बच्चे के जीवन को लेकर हमेशा चिंतित रहता था, मगर मेरी चिन्ता और परेशानी को सरकार की योजना ने दूर कर दिया। बच्चे को नया जीवन मिला है।’’
    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस.बी. सिंह कहते हैं कि अधिक से अधिक बाल हृदय रोगियों के इलाज के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। यही कोशिश है कि कोई बाल हृदय रोग से पीड़ित बच्चा इलाज पाने से छूटे नहीं। 
    आर.बी.एस.के. की सोशल वर्कर श्रीमती राखी पाण्डेय बताती हैं कि आपरेशन एवं दवा के साझे प्रयोग से दिल की जन्मजात बीमारी से पीड़ित उन तमाम बच्चों का इलाज कराया जा चुका है, जिनके आड़े आर्थिक तंगी आ रही थी।

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