आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें : जिला निर्वाचन अधिकारी

nspnews 14-03-2019 Regional

नरसिंहपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सक्सेना ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनैतिक दल और अभ्यर्थी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों के अनुरूप आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें।
       जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों के अनुरूप किसी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाये या घृणा की भावना उत्पन्न करें या तनाव पैदा करे।
       जब अन्य राजनैतिक दलों की आलोचना की जाये, तो वह उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पूर्व रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिये। यह भी आवश्यक है कि व्यक्तिगत जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिये, जिनका संबंध अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रिया- कलाप से न हो। दलों या उनके कार्यकर्ताओं के बारे में कोई ऐसी आलोचना नहीं की जानी चाहिये, जो ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो या जो तोड़- मरोड़कर कही गई बातों पर आधारित हैं।
       मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिये। मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिये। सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यों से ईमानदारी के साथ बचना चाहिये, जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं, जैसे कि मतदाताओं को रिश्वत देना, मतदाताओं को डराना/ धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के भीतर मत याचना करना, मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को खत्म होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभायें करना और मतदाताओं को वाहन से मतदान केन्द्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना।
       सभी राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों को इस बात का प्रयास करना चाहिये कि वे प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और विघ्नरहित घरेलू जिंदगी के अधिकार का आदर करें, चाहे वे उसके राजनैतिक विचारों या कार्यों के कितने ही विरूद्ध क्यों न हो। व्यक्तियों के विचारों या कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घरों के सामने प्रदर्शन करने या धरना देने के तरीकों का सहारा किसी भी परिस्थिति में नहीं लेना चाहिये।
       किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी को ध्वजदंड बनाने, ध्वज टांगने, सूचनायें चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिए किसी भी व्यक्ति को भूमि, भवन, अहाते, दीवार आदि का उसकी अनुमति के बिना उपयोग करने की अनुमति अपने अनुयायियों को नहीं देनी चाहिये।
       राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि उसके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभायें- जुलूसों आदि में बाधायें उत्पन्न न करें या उन्हें भंग न करें। एक राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं या शुभचिंतकों को दूसरे राजनैतिक दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभाओं में मौखिक रूप से या लिखित रूप से प्रश्न पूछकर या अपने दल के परचे वितरित करके गड़बड़ी पैदा नहीं करनी चाहिये। किसी दल द्वारा जुलूस उन स्थानों से होकर नहीं ले जाना चाहिये, जिन स्थानों पर दूसरे दल द्वारा सभायें की जा रही हों। एक दल द्वारा लगाये गये पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा हटाये नहीं जाने चाहिये।

प्रादेशिक