कूनो में स्थानीय लोग रोजगार के साथ बहु उदेशीय वन गतिविधियों को संचालित करेंगे : मुख्यमंत्री

Neemuch 26-02-2024 Regional

एनएसपीन्यूज। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को इको टूरिज्म का बनाने के लिए कार्ययोजना बनाई जायेगी। इससे रोजगारोन्मुख अर्थव्यवस्था संचालित करने में सहयोग मिलेगा। भविष्य में कूनो में ही लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

गांधी सागर अभयारण्य में भी ऐसी गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। प्रदेश में वन आधारित अर्थ-व्यवस्था का नया मॉडल विकसित होगा। केंद्र सरकार के सहयोग से जल, जंगल, जमीन, वन्य प्राणी के संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगारोन्मुखी अर्थ-व्यवस्था बनेगा।

श्योपुर के सेसई पूरा के जंगल रिसोर्ट में चीता पुनर्स्थापन की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा अर्थ-व्यवस्था आधारित गतिविधियों से लोगो को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा और वन्य जीवों के साथ जंगल का भी संरक्षण होगा।

मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि जंगल आधारित अर्थव्यवस्था को संचालित करने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री यादव के निर्देशानुसार काम किया जाएगा। इसके लिए अलग से राज्य स्तर पर सेल बनाई जाएगी और अपने प्रोजेक्ट बनाकर संबंधित क्षेत्र के इको टूरिज्म वाली जगहों पर लोगों को रोजगार से जोड़ने इसके लिए डेवलपमेंट और अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित करेगी। श्योपुर कूनो से इसका शुभारंभ होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि श्योपुर में नए विकास कार्यों की शुरूआत हो रही है। उन्होने 71.89 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया। कूनो में नदी पर पुल निर्माण के लिए 37 करोड़ की राशि खर्च होगी, वहीं आज 7 करोड़ रुपए लागत की नलजल योजना का भूमिपूजन भी किया गया । स्थानीय निवासियों को आशियाना बनाने के लिए दो लाख के स्थान पर ढाई लाख रुपए की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि क्षेत्र में 19 करोड़ रुपए लागत से पानीवरदा से चिकित्सा महाविद्यालय तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। एक पृथक अस्पताल भी प्रारंभ होगा। कूनो क्षेत्र में पेट्रोल पम्प की व्यवस्था भी होगी, ताकि स्थानीय निवासियों को दूर नहीं जाना पड़े। चीता मित्रों को सायकिल प्रदान की गई है,भविष्य में इन्हें आवश्यकतानुसार मोटर सायकिल भी दी जाएगी। रोजगार साधन निरंतर बढ़ाए जाएंगे। विभागों द्वारा सम्मिलित रूप से कार्य किया जाएगा और समन्वित विकास योजना का क्रियान्वय किया जाएगा। राजस्व ग्रामों के साथ वन ग्रामों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के कदम उठाए जाएंगे।

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