भोपाल जिले में 5 स्थानों पर मियाबाकी तकनीक से विकसित किए जाएंगे जंगल

nspnews 10-03-2025 Regional

एनएसपीन्यूज। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आगामी समय में वृक्षारोपण के लिए स्थानों का चिन्हांकन के संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों के लिए वृक्षारोपण के टारगेट के अनुरूप स्थानों का चिन्हांकन एवं तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
भोपाल जिले में ग्राम पंचायत फंदा एंव जनपद पंचायत बैरसिया में लगभग 121 स्थानों पर लगभग 50 हजार से अधिक एवं नगर निगम भोपाल द्वारा 7 से 8 स्थानों पर लगभग डेढ़ लाख से अधिक पौधारोपण किया जाएगा जिसके अंतर्गत ग्राम कजलीखेड़ा, आदमपुर छावनी लैंड फिल साइट, जंबूरी मैदान, बीएचएचईएल प्लाटेंशन साइट की गैप फिलिंग, कलियासोत नदी के किनारे दोनो तरफ, कैरिया कॉलेज के पीछे, सूरज नगर, बड़ा तालाब, छोटा तालाब के समीप, एयरपोर्ट क्षेत्र में, पक्षी विहार काली बाड़ी, बरखेड़ा पठानी, भानपुर नाले से लगकर, छोटा तालाब डांडी पार्क, प्रियदर्शिनी पार्क, लहारपुर डेम के पास, चिरायु के सामने भैसाखेड़ी एवं पुलिस ट्रेनिंग अकेडमी भौंरी कान्हा सैंया में वृक्षारोपण किया जाएगा। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भोपाल जिले में मियाबाकी तकनीकी से जंगल विकसित किए जाएंगे।
बैठक में राम आस्था मिशन फाउंडेशन के द्वारा भोपाल जिले के 5 स्थानों पर मियाबाकी तकनीक से घने जंगल विकसित करने के लिए भोपाल एयरपोर्ट क्षेत्र कलिया सोत, केरवा डेम, बैरसिया की ग्राम पंचायत बर्रीखेड़ा एवं सूखी सेवनिया की गौशालाओं के स्थान का चिन्हांकन किया गया है। श्री आस्था फाउंडेशन के द्वारा मियाबाकी तकनीकी के इंडियन वर्जन के अंतर्गत शहर के गीले कचरे, तालाब से निकलने वाली जल कुंभी, मंदिरों से निकलने वाले फल-फूलों के वेस्ट, गौशालाओं के जैविक खाद मृत पशुओं के शरीर का उपयोग कर जंगल विकसित किए जाएंगे।
इस अवसर पर श्री राम आस्था फाउंडेशन तन्मय जैन, सेवानिवृत्त आईएफएस रामेश प्रसाद सिंह, रिटा. कर्नल हेमंत कक्कड़, डॉ. श्रद्धा अग्रवाल द्वारा मियाबाकी तकनीक से विकसित किए जाने वाले जंगल की विस्तृत जानकारी का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। 

 

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