मिज़ोरम के आइजॉल में असम राइफल्स बटालियन की भूमि का मिज़ोरम सरकार को हस्तांतरण और नक्शों का औपचारिक आदान-प्रदान

एनएसपीन्यूज। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थित में आज मिज़ोरम के आइज़ॉल में असम राइफल्स बटालियन की भूमि का मिज़ोरम सरकार को हस्तांतरण और नक्शों का औपचारिक आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ललदुओमा, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो और महानिदेशक, असम राइफल्स सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम मिज़ोरम के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि लगभग 35 साल से विशिष्ट प्रकार की टोपोग्राफी और जगह की कमी के कारण बहुत समय से यह मांग थी कि आइजॉल सहित पूरे मिज़ोरम के विकास के लिए असम राइफल्स को इंटीरियर में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि मोदी जी के दूरदर्शी निर्णय के कारण मिजोरम के प्रमुख एरिया में बड़ी भूमि उपलब्ध होने जा रही है, जिससे राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक महत्वपूर्ण निर्णय के कारण आज लगभग 30-35 साल पुरानी यह मांग पूरी हो रही है।
श्री शाह ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है बल्कि मिज़ोरम की जनता के प्रति मोदी सरकार की ज़िम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय मिज़ोरम के विकास के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। श्री शाह ने कहा कि 1890 में आइज़ॉल में सेना का पहला कैंप बनने से लेकर आज तक के इतिहास में यह सबसे बड़ा निर्णय माना जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि 2 करोड़ रूपए की लागत से 10 हैलीपैड बनाए गए हैं। 5 हज़ार करोड़ रूपए की लागत से बैराबी-सैरांग रेलवे को शुरू किया गया है। 600 करोड़ रूपए की लागत से 164 बिस्तर वाला सुपर स्पेश्यिलिटी रिसर्च सेंटर आज मिज़ोरम में बन रहा है। 1300 करोड़ रूपए की लागत से तुइरियल हाइड्रो पावर परियोजना भी शुरू की गई है। इसके अलावा 214 मोबाइल टावर लगाकर मोबाइल कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने का काम किया गया है।
